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धमधमिया जंगल में अवैध कोयला खनन पर बड़ी कार्रवाई।।

माइनिंग विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी, डोजरिंग कर अवैध खदान ध्वस्त

धमधमिया जंगल में अवैध कोयला खनन पर बड़ी कार्रवाई।।

माइनिंग विभाग और पुलिस की संयुक्त छापेमारी, डोजरिंग कर अवैध खदान ध्वस्त

रिपोर्टर/राशीद अंसारी

खलारी। रांची जिले के खलारी अनुमंडल अंतर्गत मैकलुस्कीगंज थाना क्षेत्र के धमधमिया जंगल में संचालित अवैध कोयला खदान पर बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। माइनिंग विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर अवैध उत्खनन स्थल को डोजरिंग कर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति देखी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जंगल क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें

प्रशासन को धमधमिया जंगल क्षेत्र में अवैध कोयला उत्खनन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी इस संबंध में आपत्ति जताई गई थी। शिकायतों के सत्यापन के बाद माइनिंग विभाग और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई।

अधिकारियों के नेतृत्व में गठित हुई टीम

छापेमारी अभियान का नेतृत्व माइनिंग इंस्पेक्टर रौशन कुमार और मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी धनंजय बैठा ने किया। टीम में माइनिंग विभाग के अधिकारी, स्थानीय थाना के पुलिसकर्मी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

संयुक्त टीम जब जंगल क्षेत्र में पहुंची तो मौके पर अवैध उत्खनन के स्पष्ट प्रमाण मिले। सक्रिय खनन गतिविधियों को देखते हुए तत्काल डोजरिंग की कार्रवाई की गई और अवैध खदान को नष्ट कर दिया गया।

क्या बोले थाना प्रभारी

थाना प्रभारी धनंजय बैठा ने बताया कि अवैध खनन की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया। उन्होंने कहा—“जंगल क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की सूचना मिल रही थी। सत्यापन के बाद संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की गई और अवैध खदान को डोजरिंग कर ध्वस्त किया गया। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।”

उन्होंने यह भी बताया कि अवैध उत्खनन में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

नेटवर्क की भी होगी जांच

प्रशासन का कहना है कि केवल खदान ध्वस्त करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क और संरक्षण देने वालों की भी पहचान की जाएगी। पुलिस और माइनिंग विभाग ने मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

पर्यावरण और राजस्व पर पड़ता है असर

धमधमिया जंगल क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध माना जाता है। अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ता है। जंगलों की अंधाधुंध खुदाई से भूमि क्षरण, जलस्रोतों पर असर और वन्यजीवों के आवास को खतरा उत्पन्न होता है।

सख्त संदेश

इस संयुक्त कार्रवाई को अवैध उत्खनन के खिलाफ प्रशासन का सख्त संदेश माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की पहल का स्वागत किया है। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।

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